some unpublished Love poems
खुबसुरत है आप और हमेशा
रहे, दुआ करते है
यु तो प्यार मिलता ही
होगा सभीको पर
आपको सबको ज्यादा मिले, दुआ करते है
न जाने कब सुरज ढला और
न जाने कब दिन उगा
होश नही रहता अब आपकी याद
मे
पता नही कब आपसे प्यार
हुआ
दिल से दिल कि बात करते
है
हर रोज आपसे मुलाकात का
इंतजार करते है
दिल मे बसाए बैठे है आपको
आज अपने प्यार का इजहार
करते है
ढुंड रहा था दिल जिसे, वो मंझील तू
है
थक गया था मै, पर मेरा साहिल
तू है
सफर ये झिन्द्गी का होगा अब हसीन,
जब मंझील तू, साहिल तू, हमराही तू है
जिंदगी तो दो पल कि कहाणी है
हमे वो आपके साथ बितानी है
छोडना ना साथ हमारा कभी
आपके सिवा तो सब विराणी है
सांसे चलती है पर धडकने आप हो
हम तो है मुसाफिर पर कश्ती तो आप हो
रुठेंगे कभी हमसे तो तो मर जायेंगे हम
क्योंकी जिंदा है हम पर जान तो आप हो
ना जाने कब सुरज ढला
ना जाने कब दिन उगा
होश नही रेहता आपकी याद मे
पता नही कब प्यार हुवा
हर वक्त सताती है आपकी याद
हमसे हम को चुरती है आपकी याद
सास तो यु लेते है हम पर
दिल को धडकती है आपकी याद
दुरियो से अब फर्क नही पडता
बात तो दिलो के मिलने कि है
जन्नत ही है हमारी जिंदगी अब
बात तो सिर्फ आपके साथ देने कि है
उम्मीद से है जिंदगी
जिंदगी से है प्यार
प्यार से हो आप
और आप है खुशिया
बांतोसे अब जी नही भरता
मिलन कि कशीश सी लगी है
उदासी अब कोसो दूर है है
जिने कि उम्मीद सी जगी है
यादोंकी महफिल मे
आपकी खो गए हम यु ही
दिन ढल गया यु ही
रात बित गयी युही
तमन्ना है; काश
जिंदगी बित जाए यु ही
कसमो के सिलसिले युही जारी
रहेंगे अब
हसी कि आवाजे युही गुंजती
रहेगी अब
आप युही हसती रहे ख़ुशी से
और हम युही देखते रहेंगे
अब
दिन तो बित जाता है आपकी
यादोमे
रात नही कटती आपकी जुदाई
मे
जागते रहते है बस युही
आपके और हमारे मिलने के
इंतजार मे
मुलाकात का इंतजार कर रहे
है
दिल का हाल बयान कर रहे
है
भुले तो नही दुनिया कि
भीड मे
“आपसे बहुत प्यार करते है”
आज प्यार का इजहार कर रहे
है
पता नही कहा तक जाना है
जिंदगी को कीस हद तक जिना
है
चल पडे है प्यार कि रह पर
आखिर तक इसपर चलना है
The way u look
The way u behave
The way u smile
The way u react
I
like the most
कभी सुरज कि पहली किरण हो
तुम
कभी पत्ते पर ठेहरी ओस कि
बुंद हो तुम
रंग बिरंगे फुलोंको
मेह्कती खुशबू हो तुम
तो कभी सबको हसती मुस्कान
हो तुम
Kbhi suraj ki pehli kiran
ho tum
Kbhi patte pr thehri aos
ki bund ho tum
Rang birange folonko
mehkati khushbu ho tum
To kbhi sabko hsati
muskan ho tum
Kbhi os ki bund tum ho
Behti hva sang aayi
khushbu tum ho
Kbhi fulon ke rango me
tum ho
To kbhi lehrati balkhati
chanchal titli sit um ho
Kbhi suraj ki pehli kiran
tum hum ho
Kbhi chand ki chhaya tum
ho
Jha dekhe bs tum jha jaye
bs tum ho

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